महात्मा बुद्ध ने भिक्षुओं को संदेश देते हुए कहा था कि हे भिक्षुओं तुम अपना दीपक खुद बनो।
ऐसी ही प्रेरणा से प्रेरित होकर सीवान जिले के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी स्व. अर्जुन प्रसाद सिंह ने 1982
ई० में मजहरूल हक डिग्री कॉलेज,...तरवारा, सीवान की स्थापना की और राष्ट्रीय आजादी के नायक
मौलाना मजहरूल हक के नाम पर इस कॉलेज का नाम मजहरूल हक डिग्री कॉलेज, तरवारा रखा।
स्व. अर्जुन प्रसाद सिंह राष्ट्रीय आजादी के आन्दोलन से पैदा हुए थे और राष्ट्रीय आजादी से उद्भूत
जो कार्य थे, उनके दिमाग में उथल-पुथल मचाये रहते थे। फलत: वे क्षेत्र के अभिवंचितों, पिछड़ों, दलितों
और बालिकाओं को अल्प संसाधन में उच्च शिक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से इस अट्ट देहाती क्षेत्र में
मजहरूल हक डिग्री कॉलेज की स्थापना किये। वे जानते थे कि यह वर्ग गाँवों से चलकर सुदूर शहरों में
शिक्षा हासिल करने में समर्थ नहीं होगा और इस वर्ग को शिक्षित किये बिना राष्ट्रीय आजादी का लक्ष्य
पूरा नहीं हो सकता। उस कालखण्ड में जबकि व्यक्ति परिवारवाद की संकीर्ण मानसिकता में कैद हो रहा
था, महाविद्यालय का नाम मजहरूल हक के नाम पर रखना संविधान की प्रस्तावना में उल्लिखित पंथ
निरपेक्षता का उत्तम उदाहरण है।
कालक्रम से इस महाविद्यालय को कला, विज्ञान और वाणिज्य में औपबंधिक प्रस्वीकृति मिली।
2006 में जब प्रो॰ किशोर कुमार पाण्डेय महाविद्यालय में प्रभारी प्राचार्य नियुक्त हुए तो इस महाविद्यालय
ने आकार लेना शुरू किया। माननीय सी. पी. ठाकुर, माननीय महाचन्द्र प्रसाद सिंह, माननीय जनार्दन प्रसाद
सिग्रीवाल, माननीय केदार नाथ पाण्डेय तथा जन सहयोग से श्री पाण्डेय ने इस कॉलेज के भौतिक स्वरूप
को आवश्यकता के हिसाब से तैयार किया। इतना ही नहीं महाविद्यालय को कला, विज्ञान, वाणिज्य आदि
संकायों के विभिन्न विषयों में प्रतिष्ठा स्तर तक स्थायी संबद्धता प्रदान करायी। उन्होंने जयप्रकाश
विश्वविद्यालय, छपरा से 22 शिक्षकों की चयन समिति से हुई अनुशंसा को अनुमोदित कराकर उनकी
सेवा को वैधता प्रदान करायी। महाविद्यालय के जीवन में यह दूसरी आजादी की तरह है।
मेरा ध्येय और संकल्प है कि इस महाविद्यालय को ज्ञान के सच्चे केन्द्र के रूप में विकसित किया
जाय ताकि छात्र-छात्राएँ ज्ञान और कर्म के साथ स्वाभिमान और समाज में अच्छे नागरिक बनकर जन में
प्रेरणा का भाव पैदा कर सकें और इससे निकलने वाले छात्र अपना दीपक खुद बन सकें। मुझे आशा ही
नहीं विश्वास है कि शिक्षक और छात्र मिलकर समाज को रोशनी देने का काम करेंगे।
केदार नाथ पाण्डेय
सदस्य, बिहार विधान परिषद्
अध्यक्ष, निवेदन समिति
सचिव, शासी निकाय
मजहरूल हक डिग्री कॉलेज
तरवारा, सीवान।